ऑनलाइन आवेदन, पात्रता एवं एप्लीकेशन फॉर्म

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Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana Apply | उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना फॉर्म | UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana Application Form | यूपी बाल सेवा योजना पात्रता मानदंड

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2022 के तहत, राज्य में कोरोना संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चे की देखभाल करने वाले को बच्चे के वयस्क होने तक 4,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इतना ही नहीं स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को टैबलेट या लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा।  इसके साथ ही सरकार Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के तहत लड़कियों की शादी की भी उचित व्यवस्था करेगी। लड़कियों की शादी के लिए राज्य सरकार द्वारा 1,01,000 की राशि दी जाएगी। हम यहाँ आपको अपने इस लेख के माध्यम से “यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रदान करेंगे जैसे योजना लाभ, पात्रता मानदंड, योजना की मुख्य विशेषताएं, आवेदन की स्थिति, आवेदन प्रक्रिया आदि। तो यदि आप भी UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana से सम्बंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो हमारे इस लेख को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़े। [यह भी पढ़ें- UP Kisan Karj Rahat List 2021: उत्तर प्रदेश कर्ज माफ़ी लिस्ट, ऋण मोचन योजना सूची]

Table of Contents

Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उन बच्चों के लिए Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 शुरू की, जिन्होंने COVID-19 के कारण एक या दोनों माता-पिता को खो दिया है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत राज्य सरकार शादी के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी देगी। इस योजना के तहत सरकार लाभार्थी बच्चो को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए लैपटॉप और टैबलेट भी उपलब्ध कराएगी। सभी इच्छुक व्यक्ति इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है, वे आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड करके पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया को ध्यान से पढ़ सकते है और योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। [यह भी पढ़ें- One District One Product Scheme 2021: उत्तर प्रदेश एक जिला एक उत्पाद योजना]

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना

PM Modi Schemes

600 बच्चों को दिया जाएगा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ केवल राज्य के उन सभी बच्चों प्रदान किया जाएगा, जिनके माता-पिता या दोनों में से कोई एक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मर गया है राज्य सरकार द्वारा और इस योजना के तहत बच्चों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि उनकी शिक्षा से लेकर शादी तक का खर्च उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत अभी तक 6000 बच्चे को लाभ दिया जा चूका हैं और यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों के सत्यापन के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाता है। इस योजना के तहत विभाग के माध्यम से 2000 नए बच्चों का चयन भी किया गया है, जिन्हें इसी माह किश्त दी जाएगी, तो दोस्तों यदि आप इस योजना के तहत लाभ लेना चाहते है तो आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। [यह भी पढ़ें- यूपी राशन कार्ड लिस्ट 2021: UP Ration Card List | APL/BPL New List, राशन कार्ड सूची]

कोविड-19 के कारण अनाथ हुए  में बालिकाओं के विवाह हेतु आर्थिक सहायता

कोविड-19 के कारण अनाथ हुई बालिकाओ को इस Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जाएगी है। यह आर्थिक सहायता आवेदन के बाद केवल15 दिन में ही आवश्यक दस्तावेजों की जांच करके दे दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के मुख्य सचिव द्वारा इस तथ्य की जानकारी प्रदान की गयी हैं। इस कार्य के लिए जनपद स्तरीय टास्क फोर्स का चयन किया गया है। सभी जिला अधिकारियों को पत्र एवं आवेदन का प्रारूप भी भेजा दिया गया है। इस योजना के माध्यम से शादी योग्य होने पर बालिकाओं को 101000 रुपए की राशि दी जाएगी। सभी चिन्हित बालिकाएं या उनके अभिभावक एवं संरक्षक इकाई से सीधे संपर्क कर सकते हैं। [यह भी पढ़ें- (caneup.in) यूपी गन्ना पर्ची कैलेंडर 2021-22 | UP Ganna Parchi Calendar]

Highlights of Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana

नाम उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2022
वर्ष 2022
आरम्भ की गई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा
लाभार्थी राज्य के सभी नागरिक
आवेदन की प्रक्रिया जारी नहीं
उद्देश्य अन्य बच्चों की तरह प्रगति के सभी अवसर प्रदान करना
लाभ बालिका विवाह में वित्तीय सहायता एवं अन्य सहायता प्रदान करना
श्रेणी राज्य सरकार की योजना
आधिकारिक वेबसाइट https://mksy.up.gov.in/women_welfare/index.php

कोविड-19 के कारण अनाथ हुई बालिकाओं का आवेदन

वे सभी लड़कियां इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं, जिनकी शादी 2 जून 2021 के बाद हुई है। इस योजना का लाभ पाने के लिए शादी के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। विवाह के समय लड़के  की आयु 21 वर्ष और लड़की  की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए सभी इच्छुक लाभार्थी लड़कियों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने के लिए आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, विकास खंड या जिला परिवीक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है। शहरी क्षेत्र में यह आवेदन संबंधित लेखपाल, तहसील या क्षेत्र के जिला परिवीक्षा अधिकारी को प्रस्तुत किया जा सकता है। [यह भी पढ़ें- (SSPY) यूपी पेंशन योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, UP Pension Scheme न्यू लिस्ट]

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत

यूपी राज्य में 22 जुलाई 2021 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना का मुख्य कारण कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता देना था। वह सभी बच्चे जिनके माता या पिता कोविड-19 महामारी के समय स्वर्गवासी हो गए। उन सभी बच्चों के खातों में या माता या पिता के खातों में  प्रतिमाह 4 हजार रुपये 3 महीने में किस्तों के रुप में पहुंचाए जाएंगे। तथा इस प्रकार ₹12000 की राशि की आर्थिक सहायता उन बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। मुख्यमंत्री जी द्वारा यह घोषणा भी की गई है कि कोरोना  के कारण निरक्षित हुई महिलाओं के लिए भी एक नई योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के चलते  राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री जी  द्वारा 10 लाभार्थी बच्चों को स्कूल बैग, चाकलेट, स्वीकृति पत्र,  आदि दिए जायेगे । इनमें से दो बच्चों को टैबलेट भी दिया जायेग। [यह भी पढ़ें- PMAY Gramin List UP 2021-22 | न्यू प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लिस्ट उत्तर प्रदेश]

यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 मई 2021 को उन बच्चों के लिए एक कल्याणकारी योजना शुरू की, जिन्होंने या तो अपने माता-पिता दोनों को या कमाई करने वाले माता-पिता को कोविड -19 के कारण खो दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण राज्य में कई बच्चों के माता-पिता असमय चले गए हैं. ऐसे बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और दीक्षा सहित विकास के सभी संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार की इन बच्चों के प्रति सहानुभूति है और उन्हें सरकार द्वारा अन्य बच्चों की तरह प्रगति के सभी अवसर प्रदान किए जाएंगे। [यह भी पढ़ें- यूपी राशन कार्ड लिस्ट 2021: UP Ration Card List | APL/BPL New List, राशन कार्ड सूची]

पोस्ट कोविड के कारण हुए मृत्यु पर भी प्रदान किया जाएगा लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को कैबिनेट के द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस योजना का शुभारंभ उन सभी बच्चों के लिए किया गया है जिन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण अपने माता पिता को खो दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस योजना के कार्यान्वयन के नीति को तैयार किया है। योजना के तहत आने वाले सभी चिन्हित बच्चों की लिस्ट एवं पात्रता की शर्तें भी तैयार कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सभी अनाथ हुए बच्चों के भरण पोषण शिक्षा चिकित्सा आदि का पूरा ध्यान रखने का कार्य करेगी। [यह भी पढ़ें- UP Scholarship 2021: यूपी छात्रवृत्ति आवेदन, scholarship.up.gov.in स्टेटस व लॉगिन]

  • एंटीजन टेस्ट आरटी पीसीआर की पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट ब्लड रिपोर्ट में कोविड-19 के इंफेक्शन को कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु के प्रमाण के रूप में माना गया है। परंतु यदि कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज के कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर भी पोस्ट को भीड़ के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में भी मृतक के अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • महिला कल्याण निदेशक मनोज कुमार राय जी के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्र लाभार्थी बच्चों के लिए कल का चयन को जनपद स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से चिन्हित किया जाएगा। इन बच्चों के विकास पर नजर रखने के जिम्मेवारी जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति की होगी।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभ एवं विशेषताएं

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा 30 मई 2021 को Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 की शुरुआत की गई है।
  • इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों को सहायता प्रदान की जाएगी जिनके माता-पिता की मृत्यु Covid-19 संक्रमण से हुई है।
  • इस योजना के तहत बच्चों को न केवल आर्थिक सहायता दी जाएगी, बल्कि उनकी शिक्षा से लेकर उनकी शादी का खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
  • सभी पात्र बच्चों के पालन-पोषण के लिए हर महीने ₹4000 की सहायता प्रदान की जाएगी।
  • बच्चे के वयस्क होने तक योजना के तहत यह वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इसके अतरिक्त Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के माध्यम से लड़कियों की शादी के लिए ₹101000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • यदि इस योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चे की आयु 10 वर्ष से कम है और कोई अभिभावक नहीं है तो ऐसी स्थिति में बच्चे को आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
  • उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की यह आवासीय सुविधा राज्य बाल गृह के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से पढ़ने वाले सभी बच्चों को लैपटॉप या टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ उन बच्चों को भी दिया जाएगा जिन्होंने कोरोना संक्रमण के कारण अपने कानूनी अभिभावक या आय अर्जित करने वाले अभिभावक को खो दिया है।
  • सभी नाबालिग लड़कियों को भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सरकारी बाल गृह और राज्य सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा और आवास प्रदान किया जाएगा।

विवाह के लिए आर्थिक सहायता एवं बच्चों को टेबलेट वितरण

यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सरकार वित्तीय सहायता से लेकर कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान करेगी, ताकि अनाथ बच्चे अपना जीवन यापन कर सकें। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के तहत सभी पात्र लड़कियों की शादी के लिए 101000 रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, सभी बच्चे जो स्कूल या कॉलेज में पढ़ते हैं या व्यावसायिक शिक्षा ले रहे हैं, उन्हें Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana के तहत टैबलेट/लैपटॉप प्रदान किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। अगर आप भी बिहार बाढ़ राहत सहायता योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको अपनी पात्रता सुनिश्चित कर जल्द से जल्द इस योजना के तहत आवेदन करना होगा। इस योजना का लाभ उन बच्चों को भी दिया जाएगा जिन्होंने कोरोना संक्रमण के कारण अपने कानूनी अभिभावक या आय अर्जित करने वाले अभिभावक को खो दिया है। [यह भी पढ़ें- खेत तालाब योजना उत्तर प्रदेश 2021: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म, अनुदान राशि]

4000 रूपए की आर्थिक सहायता एवं आवासीय सुविधा

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2022 के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों को 4 हज़ार रूपए प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह वित्तीय सहायता बच्चों की देखभाल के लिए प्रदान की जाएगी। यह वित्तीय सहायता बच्चे के वयस्क होने तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, सभी बच्चे जिनकी उम्र 10 वर्ष या उससे कम है और जिनका कोई अभिभावक नहीं है, उन्हें राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी। इन बच्चों को सरकारी बाल गृह में आवास उपलब्ध कराकर यह आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि उन सभी बच्चों का ध्यान रखा जा सके। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 5 राज्य बाल गृह हैं, जो मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा और रामपुर में स्थित हैं। [यह भी पढ़ें- (Registration) मानव सम्पदा पोर्टल: ehrms.upsdc.gov.in छुट्टी के लिए आवेदन]

नाबालिग लड़कियों की देखभाल और शिक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से उन सभी बालिकाओं को आवास और शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी भी ली जाएगी जो नाबालिग हैं। सभी पात्र बालिकाओं को भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राजकीय बाल गृह एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से शिक्षा एवं आवास प्रदान किया जायेगा। इस समय राज्य में लगभग 13 बाल गृह तथा 17 अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं। यह योजना अवयस्क नाबालिग लड़कियों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है। अब उत्तर प्रदेश की ये सभी बालिकाएं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2022 का लाभ उठाकर अपना जीवन यापन कर सकेंगी। [यह भी पढ़ें- (edistrict.up.nic.in) ई डिस्ट्रिक्ट यूपी: UP e District आय/जाति/निवास सर्टिफिकेट]

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभ

  • सरकार Covid-19 के कारण अनाथ हुए बच्चे के अभिभावक या देखभाल करने वाले को उसके वयस्क होने तक 4,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों, कॉलेजों में पढ़ने वाले या व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले ऐसे सभी बच्चों को टैबलेट या लैपटॉप भी उपलब्ध कराएगी।
  • इसके अलावा दस वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता या परिवार नहीं हैं, ऐसे सभी बच्चों की देखभाल राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार या भारत सरकार की सहायता से संचालित सरकारी बाल गृह (शिशु) में की जाएगी। अपने ही संसाधनों से। राज्य बाल गृह (शिशु) मथुरा, लखनऊ प्रयागराज, आगरा और रामपुर में संचालित हैं।

Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के लिए पात्रता मानदंड

  • उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश राज्य का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
  • जिन बच्चों ने अपने कोविड -19 के कारण माता-पिता या कानूनी अभिभावकों को खो दिया है,  और जो अनाथ हो गए हैं, तो ऐसे में उनकी राज्य सरकार द्वारा उचित देखभाल की जाएगी।
  • यदि छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो ऐसी स्थिति में वह ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त कर सकता है।
  • 10 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे, जिनका कोई संबंधी नहीं है, ऐसे सभी बच्चों को भारत सरकार की सहायता से राज्य सरकार द्वारा रखा जाएगा।

उत्तर प्रदेश शासनादेश 2021

आवश्यक दस्तावेज

यदि आप भी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी इस उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है तो इसके लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजो की आवश्यकता होगी।

  • उत्तर प्रदेश के निवासी होने का घोषणा पत्र
  • बच्चे का आयु प्रमाण पत्र
  • 2019 से मृत्यु का साक्ष्य
  • बच्चे एवं अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्व आवेदन
  • माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र (यदि माता-पिता दोनों की मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में आय प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी नहीं है।)
  • शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आवेदन प्रक्रिया

यदि आप भी उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल विकास योजना के तहत आवेदन कर लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नीचे दिए गए जनों का पालन कर योजना के तहत आवेदन करना होगा।

  • ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को ग्राम विकास पंचायत अधिकारी या विकासखंड या जिला प्रमोशन अधिकारी कार्यालय में जाकर अपना आवेदन करना होगा एवं शहरी क्षेत्र के नागरिकों को अपने लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा।
  • सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के संबंधित अधिकारी कार्यालय में जाना होगा। इसके बाद आपको योजना के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।
  • अब इस आवेदन पत्र में पूछे गए सभी जानकारी ध्यान पूर्वक दर्ज करें जैसे आपका नाम मोबाइल नंबर ईमेल आईडी आदि।
  • सभी जानकारी भरने के बाद इस आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करें।
  • अब संबंधित कार्यालय में जाकर अपना यह आवेदन पत्र जमा करवा दें और इस प्रकार आपके यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी|
  • जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों का चिन्हीकरण करेगी और इसके बाद 15 दिन के अंदर ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
  • इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदक को माता पिता के मृत्यु के 2 वर्ष के भीतर ही आवेदन करना होगा।
  • जैसे ही अप्रूवल प्राप्त होगा उसी तिथि से इस योजना का लाभ बच्चों को प्रदान किया जाएगा।





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